•Malviya Nagar Fire: शोक सभा की चिट्ठी तो छपी, पर शोक मनाने के लिए परिवार में कोई बचा ही नहीं! दिल्ली के मालवीय नगर में हुए दर्दनाक होटल अग्निकांड ने गुरुग्राम के एक हंसते-खेलते अग्रवाल परिवार को हमेशा के लिए खामोश कर दिया है। जाने-माने CA विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी, दो मासूम बेटियां, बुजुर्ग मां, मौसा-मौसी और एक अन्य रिश्तेदार की इस हादसे में झुलसने और दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। इस कहानी की सबसे बड़ी और क्रूर विडंबना देखिए कि आज उनके सेक्टर 46, गुरुग्राम वाले घर पर शोक सभा (Condolence) की चिट्ठी तो छपी है, लेकिन इस घर में शोक मनाने के लिए परिवार का कोई एक सदस्य भी जिंदा नहीं बचा है। घर के बुजुर्ग मुखिया लंग्स इंफेक्शन की आखिरी स्टेज पर अस्पताल के बेड पर लाचार पड़े हैं, जिन्हें यह भी नहीं पता कि जिस परिवार की सलामती के लिए वो दुआ कर रहे थे, वो पूरा संसार अब इस दुनिया में नहीं रहा। मोक्ष धाम में जब एक साथ चिताएं जलेंगी, तो मुखाग्नि देने वाला भी कोई अपना सगा वहां मौजूद नहीं होगा।
